आज रविवार है और मै अपने पटना प्रवास के दौरान सोच रहा हूँ कि कैसे होते होंगे वे लोग जिन्हें अपने पुत्र के बारे में कुछ नहीं पता होता है! शायद उनका ही लड़का है जो पान की दूकान पर खड़ा है और जिसने अभी अभी सर झुकाए पढने जाती एक अकेली लड़की को छेड़ा है, डराया है!
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