Monday, April 12, 2010

नारी स्वतन्त्रता

मै अपने देश में ऐसी व्यवस्था चाहता था कि यहाँ की प्रत्येक नारी इसे अपना सौभाग्य समझे की उसने पुण्यभूमि भारत में जन्म लिया है।

Saturday, April 10, 2010

अभी अभी मेरी सबसे छोटी लिली मामी ने मेरा ब्लॉग पढ़ा और उनके विस्मय की सीमा नहीं रही। वे कंप्यूटर की जानकार नहीं हैं परन्तु उनमे अगाध जिज्ञासा है। गूगल की लिप्यान्तरण की छमता ने उनके मन में कम्प्यूटर के प्रति आकर्षण पैदा कर दिया है। अगर उन्होंने कम्प्यूटर चलाना सीख लिया तो यह गूगल एवं तकनीक की विजय होगी।
आज रविवार है और मै अपने पटना प्रवास के दौरान सोच रहा हूँ कि कैसे होते होंगे वे लोग जिन्हें अपने पुत्र के बारे में कुछ नहीं पता होता है! शायद उनका ही लड़का है जो पान की दूकान पर खड़ा है और जिसने अभी अभी सर झुकाए पढने जाती एक अकेली लड़की को छेड़ा है, डराया है!

प्रथम वंदना

पहली बार ब्लॉग लिख रहा हूँ। माता की चरण वंदना एवं विद्वानों के आशीष चाहता हूँ.